श्री गुरु नानक देव जी का शुकराना करते हुए अरोड़वंश परिवार की ओर से 13 प्रसादी लंगर की शुरुआत — मुख्य उद्देश्य \
अरोड़वंश परिवार लक्ष्य बिना किसी जाति भाव के सभी सुमदाय एक साथ मिलकर उस परमपिता परमात्मा का रोजाना शुक्राना करना चाहिये और श्री गुरु नानक देव जी द्वारा शरू किया गया भूखे को अन्न प्यासे को पानी की प्रथा को जारी रखते श्री गुरु नानक देव जी की तरफ से आपको मिली सुख-सुविधाओं का शुकराना करने के लिए जनवरी 2024 से हर संक्रांत को अरोड़वंश परिवार की ओर से शुकराना दिवस मनाते हुए अरोड़वंश धर्मशाला, बाजवा नगर, लुधियाना में समूह संगत के सहयोग से घर से बन कर आया श्री गुरु नानक देव जी 13 प्रसादी लंगर संक्रांत दिवस पर लगाया जाता है अरोड़वंश परिवार की और से हर संग्रांद सुबह 10:30 बजे पाठ श्री जपजी साहिब 10:50 पाठ श्री सुखमनी साहिब 12:00 शब्द कीर्तन 12:40 सरबत के भले की अरदास के बाद सभी परिवारों की द्वारा घर से बना कर लाया गया श्री गुरु नानक देव जी का13 प्रसादी लंगर समूह संगत को मर्यादा में रहते बड़े प्यार से खिलाया जाता है इस गुरु के लंगर की खासियत यह है कि घर से लंगर बना कर लाने वाली संगत और बैठ कर लंगर छकने वाली संगत की श्री गुरु नानक देव जी सभी मन की मुरादे पूरी करते हैं। संस्थापक (अरोड़वंश धर्मशाला सर्कुलर रोड, बाजवा नगर, लुधियाना )